सर्दियों का मौसम जहां एक ओर ठंडक और आराम देता है, वहीं दूसरी ओर यह ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) के मरीजों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि सर्दी में बीपी क्यू बढ़ता है, ठंड में बीपी कितना होना चाहिए, और ठंड में बीपी कंट्रोल कैसे करें? इस लेख में हम इन सभी सवालों के जवाब विस्तार से जानेंगे।
➖ सर्दियों में ब्लड प्रेशर बढ़ने का क्या कारण है?
सर्दियों में ब्लड प्रेशर बढ़ने के पीछे कई वैज्ञानिक और जीवनशैली से जुड़े कारण होते हैं:
1. रक्त नलिकाओं का संकुचन (Vasoconstriction)
ठंड लगने पर शरीर अपनी गर्मी बनाए रखने के लिए रक्त नलिकाओं को सिकोड़ लेता है। इस प्रक्रिया को वैसो-कंस्ट्रिक्शन कहा जाता है। जब नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं, तो रक्त को प्रवाहित होने के लिए ज्यादा दबाव लगाना पड़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। यही सबसे बड़ा कारण है कि thand me bp kyu badhta hai।
2. शारीरिक गतिविधि में कमी
सर्दियों में लोग ठंड के कारण टहलना, योग और व्यायाम करना कम कर देते हैं। लंबे समय तक बैठे रहने से वजन बढ़ता है और रक्त संचार धीमा हो जाता है। यह स्थिति धीरे-धीरे हाई ब्लड प्रेशर को जन्म देती है।
3. नमक और तैलीय भोजन का अधिक सेवन
ठंड के मौसम में लोग ज्यादा नमकीन, तली-भुनी और प्रोसेस्ड चीजें खाने लगते हैं। नमक शरीर में पानी को रोकता है, जिससे रक्त की मात्रा बढ़ती है और ब्लड प्रेशर ऊपर चला जाता है।
4. धूप और विटामिन D की कमी
सर्दियों में धूप कम मिलने से शरीर में विटामिन D की कमी हो जाती है। कई शोधों में यह पाया गया है कि विटामिन D की कमी हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी होती है।
सर्दियों में बीपी कितना होना चाहिए?
अक्सर लोग पूछते हैं कि ठंड में बीपी कितना होना चाहिए, sardiyo me bp kitna hona chahiye, या winter me bp kitna hona chahiye।
सामान्य तौर पर:
ठंड हो या गर्मी, बीपी का सामान्य स्तर समान ही रहता है। इसलिए ठंड में बीपी कितना होना चाहिए, इसका जवाब यही है कि बीपी 120/80 के आसपास बनाए रखना सबसे सुरक्षित होता है।
हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण
सर्दियों में हाई ब्लड प्रेशर अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ता है, इसलिए इसे “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है। फिर भी कुछ संकेत दिखाई दे सकते हैं।
इनमें सिरदर्द, चक्कर आना, आंखों के सामने धुंधलापन, सीने में भारीपन और अचानक घबराहट शामिल हैं। अगर इन लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो यह गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
अगर मेरा बीपी 160/100 है तो मुझे क्या करना चाहिए?
अगर आपका बीपी 160/100 है, तो यह गंभीर स्थिति मानी जाती है। यह स्टेज-2 हाई ब्लड प्रेशर है, जिसमें हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेल होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। दवाइयों में लापरवाही न करें और नमक, तैलीय भोजन व तनाव से तुरंत दूरी बनाएं। साथ ही, रोज़ बीपी की जांच करना जरूरी है।
ठंड में बीपी कंट्रोल कैसे करें? (thand me bp control kaise kare)
1. नियमित व्यायाम और योग
सर्दियों में भी शरीर को सक्रिय रखना बेहद जरूरी है। रोज़ 30 मिनट टहलना, योग और प्राणायाम ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं और बीपी को नियंत्रित रखते हैं।
2. संतुलित और कम नमक वाला आहार
नमक की मात्रा कम करने से बीपी अपने आप नियंत्रित होने लगता है। ताजे फल, हरी सब्जियां और फाइबर युक्त भोजन सर्दियों में बहुत फायदेमंद होते हैं।
3. शरीर को गर्म रखना
ठंड से बचाव करने के लिए गर्म कपड़े पहनना जरूरी है। शरीर का तापमान संतुलित रहने से रक्त नलिकाएं ज्यादा नहीं सिकुड़तीं और बीपी कंट्रोल में रहता है।
4. तनाव से बचाव
तनाव हार्मोन ब्लड प्रेशर को तेजी से बढ़ाते हैं। ध्यान, संगीत और गहरी सांस लेने की तकनीक तनाव को कम करती है।